Friday, February 20, 2026

रूह की मोहब्बत

 तू मिले तो लगे खुदा मिल गया,

तेरे बाद ये जहाँ अधूरा सा लग गया।
तेरा नाम लूँ तो सुकून उतर आए,
तेरी याद आए तो दिल सजदा कर जाए।

ये इश्क़ लफ़्ज़ों का मोहताज नहीं,
ये रूह का रिश्ता है, कोई राज़ नहीं।
मैंने हर दुआ में तुझे ही माँगा है,
हर साँस ने बस तेरा ही फसाना गाया है।

तू साथ चले तो रास्ते इबादत बन जाएँ,
तेरी हँसी से मेरे दिन रोशन हो जाएँ।
तेरे बिना सब वीरान सा लगता है,
तेरे साथ हर दर्द भी आसान सा लगता है।

मैं तुझमें यूँ खो जाऊँ जैसे दरिया समंदर में,
तू मुझे थाम ले जैसे रौशनी अंधेरों में।
ये इश्क़ जिस्म का नहीं, एहसास का है,
ये वादा उम्र का नहीं, हर जन्म का है।

अगर कभी तक़दीर फिर हमें मिलाए,
तो इस बार मोहब्बत मुकम्मल हो जाए

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