ऐ ज़िंदगी, थोड़ा जल्दी ये फ़ासला तय कर…

 ऐ ज़िंदगी, थोड़ा जल्दी ये फ़ासला तय कर,

मुझे ये रास्ता अब जल्दी तय करना है।
अगले जन्म फिर अपने प्यार से मिलना है,
उसकी आँखों में खुद को फिर से देखना है।

फिर से जी भर कर उसे निहारना है,
फिर से उससे हर बात कहना है।
उसके सामने अपने आँसू बहाना है,
और उसके सीने से लगकर सब भूल जाना है।

तेरे बगैर कितनी सूनी थी मेरी दुनिया,
उसे बाहों में भर कर ये समझाना है।
कि हर सांस में बस वही बसा रहा,
बस उसी को ही अपना बनाना है।

काश किस्मत थोड़ा और मेहरबान हो जाए,
और ये कहानी फिर से शुरू हो जाए… 💔

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