Tuesday, February 3, 2026

प्यार की हक़ीक़त

 न पूछ प्यार की हमने जो हक़ीक़त देखी,

वफ़ा के नाम पर बिकती हुई उल्फ़त देखी।

किसी ने लूट लिया ख़्वाबों का आशियाना,

हमें ख़बर भी न हुई जब क़िस्मत रूठी देखी।

खुली जो आँख तो टूटी हुई मोहब्बत थी,

हर एक मोड़ पे बस दर्द की सियासत देखी. 💔💔💔

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