हर एक लम्हा तेरी याद का बोझ ढोता है,
बिन तेरे हर रात, एक उजड़ा सा सहर होता है।
साँसों में बसती है तेरी खुश्बू की कशमकश,
दिल की हर धड़कन पुकारती है तेरा नाम बस।
आँखों में समाती नहीं तस्वीर तेरी,
ये दूरी बन गई है मेरी सबसे बड़ी बेबसी।
कैसे बताऊँ ये हाल-ए-दिल बस इतना है,
तुम हो तो दुनिया है, नहीं तो बस तुम्हीं होता है।🥹🥹🥹
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