दुनिया
मेरे लिए मेरी दुनिया हो तुम…छू के गुज़रे वो हवा हो तुम..
मैंने जो माँगी है वो दुआ हो तुम…किया मैंने महसूस वो एहसास हो तुम.. मेरी नज़र की तलाश हो तुम…
मेरी ज़िंदगी का क़रार हो तुम.. मैंने जो चाहा वो प्यार हो तुम…मेरे इंतज़ार की राहत हो तुम..
मेरे दिल की चाहत हो तुम… तुम हो तो दुनिया है मेरी…
कैसे कहूँ सिर्फ़ प्यार नहीं मेरी जान हो तुम…
Comments
Post a Comment