Sunday, February 16, 2025

दिल की जुस्तजू


दिल की जुस्तजू है, एक दिन तुझको पाऊँ,
इस अंबर से भी आगे, तुझको लेकर जाऊँ।

तेरी रौशनी में मेरा जहाँ रोशन हो,
तेरी बाहों में सारा आलम मगन हो।

हर मंज़िल से आगे, हर सरहद के पार,
बस तेरा साथ हो, तेरा प्यार बेशुमार।

ख़्वाबों की हद से, हकीकत में आऊँ,
एक दिन तुझे पाकर, तुझमें ही समाऊँ।

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