ऐ आशमा अगर तुझे सुनाई देता है,
मेरा दिल रो-रो कर दुहाई देता है।
रात की खामोशी में तेरे नाम की सदा,
हर धड़कन तेरा ही पता बताई देता है।
आँखों से गिरते अश्क़ गवाह हैं इश्क़ के,
हर ज़ख़्म तेरा ही फ़साना सुनाई देता है।
तू दूर सही, पर एहसास पास है इतना,
कि हर लम्हा तेरा साया दिखाई देता है।
ऐ आशमा, अगर तुझे सुनाई देता है,
मेरा दिल रो-रो कर दुहाई देता है।
No comments:
Post a Comment